पेसा स्वास्थ्य कर्मियों की आवाज बनी ताकत, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे के हस्तक्षेप से स्थायी नियुक्ति की उम्मीद बढ़ी.
सौ.निलिमाताई बंडमवार
मुख्य संपादिका
गडचिरोली.
गड़चिरोली:- सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चयनित पेसा (PESA) बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (पुरुष) अपनी स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे से मिले। कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद विधायक नरोटे ने तत्काल नागपुर के स्वास्थ्य उपनिदेशक से दूरभाष पर संपर्क कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने तथा नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। विधायक की इस पहल से कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है।
चार महीने से मानधन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
पेसा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विधायक को बताया कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रहे हैं, लेकिन पिछले चार महीनों से उन्हें मानधन प्राप्त नहीं हुआ है। मानधन के अभाव में अनेक कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताते हुए स्थायी नियुक्ति के साथ-साथ लंबित मानधन का भी मुद्दा उठाया।
भर्ती प्रक्रिया का संपूर्ण घटनाक्रम
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मई 2024 को जारी विज्ञापन के आधार पर अंतिम गुणवत्ता सूची के अनुसार बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों का चयन किया गया था।
हालांकि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 10 फरवरी 2025 को इन उम्मीदवारों को विशेष प्रकरण मानते हुए मानधन के आधार पर अस्थायी नियुक्ति दी गई थी।
बाद में 2 दिसंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए भर्ती प्रक्रिया की 50 प्रतिशत रिक्तियां सुरक्षित रखने तथा पात्र उम्मीदवारों को नियमित करने की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात राज्य शासन ने 11 फरवरी 2026 को शासन निर्णय (GR) जारी कर भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और नियमित नियुक्ति के लिए आवश्यक मार्गदर्शक तत्त्व निर्धारित किए।
विधायक के समक्ष रखी मांग
शासन निर्णय जारी होने के बावजूद अब तक नियमित नियुक्ति न मिलने से नाराज पेसा स्वास्थ्य कर्मियों ने विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि शासन निर्णय के अनुसार उनकी मानधन आधारित नियुक्ति को नियमित कर उन्हें स्थायी सरकारी सेवा में समाहित किया जाए।
विधायक नरोटे ने इस मांग को उचित बताते हुए नागपुर स्वास्थ्य उपनिदेशक से सीधे चर्चा की और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनके न्यायोचित अधिकारों के लिए वे हर स्तर पर प्रयास करेंगे।
इस दौरान मयूर कोडापे, निखिल उसेंडी, लोकेश कुमार मडावी, सुजीत कुमार आतला, लंकेश तुलावी सहित अन्य पेसा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे।
